प्रकाशित तिथि: 4 अगस्त 2025
लेखक: Hindi.Infonews9
सुप्रीम कोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण को बरकरार रखा; महाराष्ट्र में चार हफ़्तों में अधिसूचना और चार महीने में चुनाव पूरे

🔷 मुख्य शीर्षक
- सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण के लिए 2022 से पहले के 27% आरक्षण ढांचे को बहाल करने का फैसला सुनाया है। यानी बंठिया आयोग की रिपोर्ट के दौरान की गई आरक्षण कटौती को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट ने 2022 में वार्ड परिसीमन से जुड़ी कई याचिकाओं को खारिज कर दिया है और नए वार्ड ढांचे के तहत चुनाव कराने को मंजूरी दे दी है।
⏳ कोर्ट के स्पष्ट निर्देश
- महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग को चार हफ़्तों के भीतर चुनाव अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया गया है।
- अधिसूचना के बाद चार महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं; लेकिन ज़रूरत पड़ने पर अदालत में समय-सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
🌐 चुनाव प्रक्रिया शुरू—कहाँ से?
- 29 नगर निगमों, 257 नगर परिषदों, 26 ज़िला परिषदों और 289 पंचायत समितियों में चुनाव प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। ये संस्थाएँ पिछले 3-5 वर्षों से प्रशासनिक नियंत्रण में हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया तुरंत गति पकड़ेगी।
- वार्ड सीमा निर्धारण, आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूची तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इस काम के लिए, राज्य चुनाव आयोग ने प्रशासन को परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
• - नागपुर नगर निगम सहित कुछ शहरों में परिसीमन प्रक्रिया में कुछ देरी हो रही है, इसलिए इससे चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। ____________________________
🏛️ राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राकांपा के छगन भुजबल ने इस फैसले का स्वागत किया है। भुजबल ने कहा है कि “यह निर्णय ओबीसी समुदाय के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व पाने का एक बड़ा अवसर है” और उन्होंने ओबीसी वर्ग की संवैधानिक स्थिति को बनाए रखने के लिए भाजपा और केंद्र सरकार के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
- ओबीसी समुदाय ने इस निर्णय का व्यापक समर्थन किया है; समुदाय ने यह विश्वास बनाया है कि वार्ड संरचना में बदलाव के कारण आरक्षण संरचना निश्चित रूप से बदलेगी ____________________________
📅 आगामी कार्यक्रम
चरण विवरण
निर्णय तिथि 4 अगस्त 2025
चुनाव अधिसूचना अगले 4 हफ्तों में जारी होने की उम्मीद है
चुनाव प्रक्रिया अधिसूचना के 4 महीनों के भीतर पूरी हो जाएगी
अंतिम निष्कर्ष लंबित याचिकाओं पर न्यायालय के अंतिम निर्णय के अनुसार लागू होगा
📌 परिणाम और आगे की राह
- ओबीसी समुदाय को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व पाने का अवसर मिलेगा।
- संशोधित वार्ड संरचना और नई मतदाता सूची और आरक्षण रोस्टर प्रक्रिया को गति प्रदान करने में सक्षम होंगे।
- एसईसी ने तैयारी शुरू कर दी है और अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच चुनावों के चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा करने की संभावना है। यह निर्णय महाराष्ट्र में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।