अहमदाबाद विमान दुर्घटना स्थल का दृश्य, जहां एआई-171 ड्रीमलाइनर दुर्घटनाग्रस्त हुआ lअहमदाबाद विमान दुर्घटना – ईंधन आपूर्ति में कटौती से हुई भीषण त्रासदी

By : Hindi.InfoNews9 | दिनांक: 12 जुलाई, 2025

दोनों इंजनों में ईंधन बंद होने के कारण दुर्घटना!

12 जून, 2025 की सुबह, अहमदाबाद से उड़ान भरने वाला एयर इंडिया एक्सप्रेस का AI-171 बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार यात्रियों और विमान दुर्घटनास्थल सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना अहमदाबाद शहर में एक छात्रावास के पास हुई।

भारतीय वायु दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) ने हाल ही में दुर्घटना की प्रारंभिक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं, और यह स्पष्ट किया गया है कि दुर्घटना दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद होने के कारण हुई।

1️⃣ फ्यूल स्विच ऑफ?

रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के मात्र 3 सेकंड बाद ही दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई थी। इस वजह से इंजन अचानक बंद हो गए और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) में संवाद के अनुसार, एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने स्विच क्यों बंद कर दिया?”, जिस पर दूसरा कहता है, “मैंने नहीं किया!”। यह बातचीत मानवीय भूल या तकनीकी खराबी की संभावना की ओर इशारा करती है।

3️⃣ इंजन स्विच ‘रन’ स्थिति में था

विमान के जले हुए अवशेषों से पता चला कि फ्यूल स्विच ‘रन’ स्थिति में था। यानी, सिस्टम ने खुद ही ईंधन बंद कर दिया, शायद किसी तकनीकी खराबी के कारण।

विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने 2018 में एक सर्विस बुलेटिन जारी किया था, जिसमें यह अनुमान लगाया गया था कि ड्रीमलाइनर 787 वैरिएंट में ‘फ्यूल स्विच लॉक’ ठीक से काम नहीं कर रहा था। FAA (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) ने इसे दूर करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

अब यह संभव है कि एयर इंडिया ने इन निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया हो।

1. मानवीय भूल: यह संभव है कि टेकऑफ़ के समय गलत हैंडलिंग के कारण स्विच बंद हो गया हो।

2. तकनीकी खराबी: सिस्टम में खराबी के कारण स्विच ने ईंधन बंद कर दिया।

3. स्वचालित सिस्टम विफलता: FADEC (पूर्ण प्राधिकरण डिजिटल इंजन नियंत्रण) सिस्टम में समस्या।

4. पिछले सर्विस निर्देशों का पालन न करना: बोइंग द्वारा जारी निर्देशों का पालन न करने के कारण पुरानी खराबी बनी हुई है।

1. आतंकवादी गतिविधि का कोई सबूत नहीं

2. पक्षी के टकराने का कोई सबूत नहीं

3. खराब मौसम के कारण दुर्घटना नहीं हुई

4. पायलट की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं

AAIB की अंतिम रिपोर्ट का अभी इंतज़ार है। इसमें विद्युत संकेतों, स्विच लॉक तंत्र और मैन्युअल हस्तक्षेप का विस्तृत अध्ययन शामिल होगा। बोइंग के प्रतिनिधियों और DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के अधिकारियों को आगे की जाँच के लिए बुलाया गया है।

जिस इलाके में विमान हॉस्टल से टकराया, वहाँ के लोगों ने कहा, “हमने विमान को उड़ान भरते देखा, वह अचानक नीचे आ गया और एक बड़ा विस्फोट हुआ।”

स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और NDRF ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।

• 260 मौतें – विमान में 241 लोग सवार थे, 19 दुर्घटनास्थल पर

• करोड़ों का नुकसान – विमान, हॉस्टल और वाहन जलकर राख हो गए।

• सरकारी सहायता – सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹25-₹25 लाख की सहायता देने की घोषणा की है।

यह घटना एयर इंडिया के लिए एक बड़ा झटका है और विमानन सुरक्षा के लिए कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

• क्या विमानों का नियमित रखरखाव और FAA के निर्देशों का पालन किया जाता है?

• क्या पायलट प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रणालियाँ ठीक से काम कर रही हैं?

• क्या भारत बोइंग जैसे निर्माताओं की प्रणालियों में गंभीर खामियाँ पाए जाने पर स्वतंत्र जाँच करता है?

एयर इंडिया, DGCA और केंद्र सरकार को अब विमानन सुरक्षा, पायलट प्रशिक्षण और तकनीकी सेवाओं पर फिर से ध्यान देने की ज़रूरत है। अगर एक स्विच दो इंजनों को बंद कर सकता है, तो यह दर्शाता है कि स्वचालित उन्नत तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता कितनी खतरनाक हो सकती है।

भारतीय विमानन इतिहास की इस गंभीर दुर्घटना को सिर्फ़ एक “गलती” न समझें। इससे सीखकर सुरक्षा की एक नई परिभाषा गढ़ना ही मृतकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी!

[नोट]: यह लेख वायु दुर्घटना जाँच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर आधारित है। अंतिम जाँच के बाद इसमें और बदलाव हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *