इजराइल-ईरान युद्ध एक भयानक मोड़ लेने वाला है।
दोनों देशों ने अस्तित्व की लड़ाई शुरू कर दी है और एक-दूसरे पर हमले और जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल ने पहले ही नागरिकों को तेहरान छोड़ने का आदेश दे दिया है।
मोसाद सटीक जगहों पर हमले कर रहा है। कई फ्रंटलाइन अधिकारियों ने घेराबंदी की योजना बनाई है। जीवन के लिए जरूरी माने जाने वाले जल स्रोतों पर हमलों की वजह से ईरान की राजधानी तेहरान में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नतीजतन, इजराइल को एक खतरा कम संदेश दिया गया है कि ईरान दूसरी तरफ रुख कर सकता है। दोनों देशों के बीच संघर्ष इस समय तीव्र दौर में है।

इस संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है और इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान में करीब 1500 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने छात्रों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। अजरबैजान की मदद से कुछ छात्रों को सीमा से निकाला गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से युद्ध विराम की मांग की है। उन्होंने बताया है कि कुल मिलाकर युद्ध की स्थिति को देखते हुए हमारा धैर्य भी खत्म हो रहा है।
इस संघर्ष ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता पैदा की है और कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि की है, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है। इसी तरह भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट आई है। सेंसेक्स में 850 अंकों की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों में चिंता पैदा हो गई है।
